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Geography General Knowledge Questions and Answers | भौगोलिक सामान्य ज्ञान

तारामंडल संबंधित तथ्य

तारामंडल तारों का एक समूह है; जैसे – उर्सा मेजर. मृग. सिग्नस. हाइड्रा. आदि. अब तक 89 तारामंडलों की पहचान की गयी गई. इनमे सेणटॉरस सबसे बड़ा है.

तारे

  1. तारों का निर्माण आकाशगंगा में गैस के बादलों से होता है| तारों से निरंतर ऊर्जा का उत्सर्जन होता है।
  2. तारे की ऊर्जा का स्रोत नाभकीय होता है।
  3. सूर्य भी एक तारा है जो पृथ्वी के सबसे निकट है।
  4. वह तारा जिसकी चमक गैसों के निष्कासित होने से अचानक बढ़ जाती है उसे नोवा कहते हैं जब सर्वाधिक चमकने लगता है तो उसे सुपर नोवा कहते हैं।
  5. पृथ्वी से देखा जाने  वाला सर्वाधिक चमकीला तारा डॉग स्टार है।
  6. गुरुत्वाकर्षण से परस्पर बंधे तारों के जोड़ों को युग्म तारे कहते हैं।
  7. दो से अधिक तारों के निकाय को बहुलित तारे कहते हैं जैसे केस्टर।
  8. जब तारों का माप बहुत बड़ा होता है किन्तु माप बहुत काम होता है तो इन्हे ठंडा तारा कहा जाता है, लाल रंग के कारण इन्हे रक्त दानव कहा जाता है।
  9. सप्तऋषि तारामंडल है इसमें सातों तारों का नाम भारत के ऋषियों के नाम पर है।
  10. ध्रुव तारा वह तारा है जो हमेशा उतर दिशा में चमकता है यह किसी भी स्थान पर दिशा व ऊंचाई ज्ञात करने के काम आता है।
  11. तारों का ऐसा समूह जो धुंधला सा दिखाई देता है तथा जो तारा निर्माण प्रक्रिया की शुरुआत का गैस पुंज है गैलेक्सी कहलाता है।
  12. धूमकेतु या पुच्छल तारे की रचना गैसीय पदार्थों से होती है इनकी लम्बी पूँछ होती है।

धूमकेतु निश्चित अवधि पर देखे जाते हैं तथा सूर्य की परिक्रमा करते हैं।

 गुरुत्वाकर्षण का नियम (Law Of Gravitation)  

संसार में हर चीज़ अपने बल से दूसरी वस्तु को आकर्षित करती है, यह बल उन वस्तुओं के द्रव्यमानों के गुणनफल के अनुक्रमानुपाती होती है। और उन वस्तुओं के बीच की दुरी के वर्ग के व्युत्क्रमानुपाती होता है।

 केपलर के गति के नियम (Kepler’s Law Of Planetary Motion)

 

Circa 1612, German astronomer Johannes Kepler (1571 – 1630)

 

केपलर ने तीन नियम बनाये थे जिसमें उन्होंने ग्रह की गति के बारे में बताया था उनके तीन नियम आपको नीचे बताये गए हैं
1. केपलर ने अपने पहले नियम में बताया है कि दीर्घवृत्तीय कक्षा के दो नाभिकों में से एक पर सूर्य स्थित है और सूर्य के चारों और दूसरे ग्रह चक्कर लगाते हैं।

2. केपलर ने अपने दूसरे नियम में सभी ग्रह और सूर्य के बीच के क्षेत्रफल के बारे में बताया है।  केप्लर ने बताया की हर ग्रह सूर्य के चारों और इस प्रकार चक्कर  हैं कि हर ग्रह को सूर्य से मिलने वाली रेखा समान समय पर समान क्षेत्रफल बनाती है।

3. केपलर ने अपने तीसरे नियम में बताया है कि सूर्य से ग्रह की औसत दुरी का घन समय के वर्ग के अनुक्रमानुपाती होता है जिसे वह सूर्य के चारों और चक्कर लगाने में लेता है।

न्यूटन का गति का नियम और गुरुत्वाकर्षण नियम 

UNSPECIFIED – CIRCA 1754: Sir Isaac Newton (1642-1727).

न्यूटन के गति के तीसरे नियम के अनुसार अगर कोई वस्तु किसी वस्तु पर बल लगाती है तो दूसरी वस्तु उस पर उल्टा बल लगाती है। इसीलिए पृथ्वी जब किसी वस्तु के ऊपर आकर्षण का है तो वह वस्तु भी उस बल का विरोध करती है और उसकी विपरीत दिशा में बल लगाती है।

ध्रुवों पर पृथ्वी के घूर्णन होने से वस्तु पर प्रभाव 

  • अगर अलग अलग द्रव्यमान वाली वस्तुओं को ऊपर से एक साथ गिराया जाता है तो वो दोनों एक साथ धरती पर आएगी।
  • गुरुत्वीय त्वरण का मान अलग अलग जगहों पर अलग अलग होता है।
  • भूमध्य रेखा पर वस्तु का भर सबसे काम और ध्रुवों पर सबसे ज्यादा होता है।
  • किसी भी वस्तु का भार पृथ्वी के केंद्र पर हमेशा शून्य होता है।
  • अगर पृथ्वी घूमना बंद कर दे तो ध्रुवों के अलावा अन्य सभी जगहों पर हर वस्तु का भार बढ़ जायेगा।
  • अगर पृथ्वी तेज़ी से घूमने लगे तो ध्रुवों को छोड़कर सभी जगह वस्तु का भार काम हो जाएगा।गुरुत्व केंद्रकिसी वस्तु के गुरुत्व केंद्र से गुजरने वाली ऊर्ध्वाधर रेखा उस वस्तु की आधार के क्षेत्रफ़ल के अंदर से होकर गुजरती है। जैसे पीसा की झुकी मीनार अभी तक टिकी हुयी है क्योंकि गुरुत्व केंद्र से गुज़रने वाली ऊर्ध्वाधर रेखा आधार के क्षेत्रफ़ल से गुजरती है अगर यह ऊर्ध्वाधर रेखा बहार से गुजरेगी तो मीनार गिर जायेगी।प्रक्षेप्य गतिजब किसी पिंड को प्रारंभिक वेग से ऊर्ध्वाधर भिन्न किसी दिशा में फेंका जाता है तो वह गुरुत्वीय त्वरण के अंतर्गत ऊर्ध्वाधर तल में एक वक्रपथ पर गति करता है, जैसे : तोप से निकलने वाले गोले की गति।परास प्रक्षेपण बिंदु से एक तय दुरी तक की क्षेतिज दुरी को परास कहते है। जैसे: किसी ऊंचाई पर निशाना लगाने में।